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सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण | सतत विकास की अवधारणा | AGPH Books

सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण | सतत विकास की अवधारणा | AGPH Books

by Dr. Dharmendra Patidar

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Description

Book Title: सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण | सतत विकास की अवधारणा | AGPH Books

“सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण” विषय पर आधारित यह पुस्तक आधुनिक समाज की सबसे गंभीर और दीर्घकालिक चुनौतियों को समझने का एक सशक्त माध्यम है। यह पुस्तक विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करने की आवश्यकता को सरल, तार्किक और व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत करती है।

आज के समय में जब औद्योगीकरण, शहरीकरण और उपभोक्तावाद तेजी से बढ़ रहे हैं, तब पर्यावरणीय असंतुलन, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों की कमी और जैव-विविधता का क्षरण मानव अस्तित्व के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं। यह पुस्तक इन्हीं समस्याओं की जड़ों को समझाने के साथ-साथ उनके समाधान की दिशा भी दिखाती है।

पुस्तक में सतत विकास की अवधारणा को केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित न रखकर सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय पहलुओं के साथ जोड़ा गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि विकास तभी सार्थक माना जा सकता है, जब वह वर्तमान पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करते हुए भविष्य की पीढ़ियों के अधिकारों से समझौता न करे।

पुस्तक में यह समझाने का प्रयास किया गया है कि अनियंत्रित विकास किस प्रकार प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन करता है और पर्यावरणीय संकट को जन्म देता है। पर्यावरण संरक्षण के अंतर्गत वायु, जल, मृदा और वन संसाधनों की रक्षा पर विशेष बल दिया गया है।

पुस्तक में प्रदूषण के विभिन्न प्रकारों, उनके कारणों तथा मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले प्रभावों का विस्तृत वर्णन किया गया है। साथ ही, जल संरक्षण, वन संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग, अपशिष्ट प्रबंधन और जैव-विविधता संरक्षण जैसे विषयों को व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है, जिससे पाठक इन उपायों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें।

About The Publisher:

AGPH Books is a professional self-book publishing house based in Central India, specializing in academic, professional, fiction, and non-fiction books in print, digital, and audio formats. The publishing house produces textbooks, research and reference works, biographies, self-help titles, children's books, literary fiction, poetry, and general interest publications. With a transparent publishing process and strong digital distribution, AGPH Books ensures global availability through Google Books, Amazon, Flipkart, and its official website store, supporting authors and institutions in reaching a wide and diverse readership.

Product Details

No. Of Pages:213
Publication Date:2026-01-21
ISBN:978-93-7640-812-2

Shipping Details

Weight: 0.40 kg
Length: 22.86 cm
Width: 15.24 cm
Height: 1.60 cm

About the Author

Dr. Dharmendra Patidar
Dr. Dharmendra Patidar

डॉ. धर्म पाटीदार का जन्म राजस्थान के डूंगरपुर जिले में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गाँव के ही सरकारी विद्यालय में हुई तथा उच्च शिक्षा हेतु उन्होंने जिले के सबसे बड़े सरकारी महाविद्यालय, डूंगरपुर में प्रवेश लिया। यहाँ से उन्होंने प्रथम श्रेणी से स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा उत्तीर्ण की। साथ ही, स्नातकोत्तर में अध्ययन के दौरान ही उन्होंने यूजीसी की नेट परीक्षा प्रथम प्रयास में ही उत्तीर्ण कर ली थी। उन्होंने आगे की उच्च शिक्षा एम.फिल. एवं पीएच.डी. के रूप में उदयपुर (राजस्थान) से पूर्ण की। साथ ही, प्रथम प्रयास में ही राजस्थान पीएससी की स्कूल व्याख्याता परीक्षा भी उत्तीर्ण की। वर्तमान में वे एस.एस.बी. बी. राजकीय महाविद्यालय, सागवाड़ा, डूंगरपुर (राजस्थान) के भूगोल विभाग में सहायक आचार्य के पद पर कार्यरत हैं। डॉ. पाटीदार की पूर्व में भी चार पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं। उनके कई शोध-पत्र विभिन्न प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुके हैं। साथ ही, उन्होंने कई राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों एवं संगोष्ठियों में शोध-पत्रों का वाचन भी किया है।

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