
शिक्षा का परिप्रेक्ष्य
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Description
यह पुस्तक शिक्षा की अवधारणा की दार्शनिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक संदर्भों सहित इसके विभिन्न पहलुओं की व्यापक खोज प्रदान करती है। यह शिक्षा के अंतर्निहित मूल सिद्धांतों और मूल्यों पर गहराई से चर्चा करती है, तथा आधुनिक युग में इसके विकसित होते परिदृश्य की जांच करती है। इस पुस्तक "शिक्षा का परिपेक्ष्य" में सामाजिक न्याय, समानता और मानवाधिकारों के साथ शिक्षा के अंतर्संबंधों का विश्लेषण, प्रभावी शिक्षण के लिए नवीन दृष्टिकोणों और शिक्षाशास्त्रों पर चर्चा तथा शिक्षा के भविष्य की कल्पना, इसकी परिवर्तनकारी क्षमता का दोहन शामिल है।
\nयह पुस्तक शिक्षक, शोधकर्ता और विद्वान, शिक्षा की वास्तविक क्षमता को समझने की चाह रखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक मूल्यवान संसाधन है।
\nइसमें शिक्षा की जटिलताओं का एक विचारोत्तेजक और व्यावहारिक अन्वेषण शामिल है।
\nइस पुस्तक में शिक्षा का परिचय तथा शिक्षा पर दार्शनिक दृष्टिकोण पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें शिक्षा के सामाजिक और सांस्कृतिक संदर्भ, शिक्षा और सामाजिक न्याय तथा सीखने के लिए अभिनव दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला गया है। इस पुस्तक में शिक्षा के भविष्य की कल्पना का महत्वपूर्ण विवरण दिया गया है।
Product Details
No. Of Pages:362
ISBN Number:978-81-977477-6-2
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Weight: 0.55 kg
Length: 23.00 cm
Width: 15.00 cm
Height: 3.00 cm
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