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मोदी युग में नारी सशक्तिकरण | भारत में महिलाएं | AGPH Books

मोदी युग में नारी सशक्तिकरण | भारत में महिलाएं | AGPH Books

by डाॅ. वी. टी.वी. कृष्ण वेणी

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Description

Book Title: मोदी युग में नारी सशक्तिकरण | भारत में महिलाएं | AGPH Books

“मोदी युग में नारी सशक्तिकरण” भारतीय समाज में महिलाओं की बदलती भूमिका, सरकारी नीतियों, सामाजिक परिवर्तन तथा महिला अधिकारों के विकास का व्यापक अध्ययन प्रस्तुत करने वाली एक महत्वपूर्ण पुस्तक है। यह पुस्तक महिलाओं के सशक्तिकरण को केवल एक सामाजिक विषय के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण, आर्थिक विकास और लोकतांत्रिक प्रगति के आधार के रूप में प्रस्तुत करती है। इसमें विभिन्न योजनाओं, नीतिगत सुधारों, कानूनी प्रावधानों तथा सामाजिक पहलों का विश्लेषण करते हुए यह स्पष्ट किया गया है कि महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, आर्थिक आत्मनिर्भरता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ावा देने के लिए अनेक स्तरों पर प्रयास किए गए हैं।

पुस्तक में महिला सशक्तिकरण की अवधारणा को ऐतिहासिक और समकालीन दोनों संदर्भों में समझाया गया है। इसमें यह बताया गया है कि लंबे समय तक सामाजिक असमानता, लैंगिक भेदभाव, अशिक्षा और आर्थिक निर्भरता जैसी समस्याओं ने महिलाओं की प्रगति को सीमित किया। इन चुनौतियों से निपटने के लिए समय-समय पर अनेक सुधारात्मक कदम उठाए गए, जिनका उद्देश्य महिलाओं को समान अवसर और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना रहा। पुस्तक इन परिवर्तनों का क्रमबद्ध और तथ्यपरक विवरण प्रस्तुत करती है।

इस पुस्तक का एक प्रमुख आकर्षण विभिन्न सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों का विस्तृत विवेचन है। विशेष रूप से बालिका शिक्षा, महिला स्वास्थ्य, मातृ कल्याण, वित्तीय समावेशन, स्वरोज़गार, कौशल विकास तथा उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाली पहलों का विश्लेषण किया गया है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया है कि इन योजनाओं का प्रभाव केवल व्यक्तिगत स्तर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि परिवार, समाज और राष्ट्रीय विकास पर भी सकारात्मक रूप से दिखाई दिया। पुस्तक यह समझाने का प्रयास करती है कि महिलाओं की आर्थिक भागीदारी में वृद्धि से सामाजिक और आर्थिक विकास की गति भी तेज होती है।

पुस्तक में महिलाओं की सुरक्षा और कानूनी अधिकारों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। विभिन्न कानूनों, नीतिगत सुधारों तथा संस्थागत व्यवस्थाओं के माध्यम से महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए किए गए प्रयासों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है। घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न, बाल विवाह, दहेज प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध बनाए गए कानूनी प्रावधानों का उल्लेख करते हुए यह बताया गया है कि प्रभावी कानूनों के साथ-साथ सामाजिक जागरूकता भी समान रूप से आवश्यक है।

शिक्षा और कौशल विकास को महिला सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम मानते हुए पुस्तक में इस विषय का विस्तृत वर्णन किया गया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, डिजिटल साक्षरता, तकनीकी प्रशिक्षण और व्यावसायिक कौशल के माध्यम से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों का मूल्यांकन किया गया है। साथ ही, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, प्रशासन, खेल, राजनीति और उद्यमिता जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सामाजिक परिवर्तन का महत्वपूर्ण संकेत माना गया है।

About The Publisher:

AGPH Books is a professional self-book publishing house based in Central India, specializing in academic, professional, fiction, and non-fiction books in print, digital, and audio formats. The publishing house produces textbooks, research and reference works, biographies, self-help titles, children's books, literary fiction, poetry, and general interest publications. With a transparent publishing process and strong digital distribution, AGPH Books ensures global availability through Google Books, Amazon, Flipkart, and its official website store, supporting authors and institutions in reaching a wide and diverse readership.

Product Details

No. Of Pages:165
Publication Date:2026-06-30
ISBN:978-93-7640-072-0

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Weight: 0.40 kg
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About the Author

डाॅ. वी. टी.वी. कृष्ण वेणी
डाॅ. वी. टी.वी. कृष्ण वेणी

डॉ. मधु दुबे स्वर्णकार वर्तमान में शासकीय एम.एच. गृहविज्ञान एवं विज्ञान महिला महाविद्यालय, जबलपुर (म. प्र.) में सहायक प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं, जो उच्च शिक्षा विभाग, मध्य प्रदेश के अंतर्गत आता है। उन्हें 16 वर्षों का अध्यापन अनुभव और 12 वर्षों का शोध अनुभव है। उनकी विशेषज्ञता पॉलिमर रसायन, अकार्बनिक रसायन और पर्यावरण रसायन में है। डॉ. मधु ने 1995 में अपनी पीएच.डी. पूरी की और तब से अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं और भाग लिया है। अपनी विशेषज्ञता के साथ, वह शैक्षिक समुदाय के साथ अपने ज्ञान और विशेषज्ञता को साझा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनके शोध और शिक्षा में योगदान ने उन्हें अपने क्षेत्र में एक विशिष्ट स्थान दिलाया है। एक समर्पित शिक्षक और शोधकर्ता के रूप में, डॉ. मधु छात्रों को प्रेरित और मार्गदर्शन करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी प्रोफाइल उनकी शैक्षिक उपलब्धियों और अनुभव को उजागर करती है, जो उनके अध्यापन और शोध के प्रति समर्पण को दर्शाती है। डॉ. मधु दुबे स्वर्णकार का कार्य पॉलिमर रसायन और पर्यावरण रसायन में उनके ज्ञान को आगे बढ़ाने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है।

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